अरावली बचाने को लेकर आदिवासी संगठनों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पाली : जय आदिवासी भील युवा संगठन पाली के नेतृत्व में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर एलएन मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन में संगठन ने स्पष्ट किया कि अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को केवल ऊंचाई के मापदंड तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसके भू-वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और पर्यावरणीय महत्व को समग्र रूप से परिभाषित किया जाए। उन्होंने अरावली क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर प्रभावी और कठोर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा होगी और भावी पीढ़ियों के हित सुरक्षित रह सकेंगे।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर एलएन मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा संबंधित आदेश पर वर्तमान में स्टे लगाया गया है, जिसके चलते प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी कांग्रेस कमेटी पाली जिला अध्यक्ष जितेंद्र राणा, जोगाराम सोलंकी, जीवराज बोराणा, कांग्रेस अ.अभि. प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अशोक कुमार कुलदीप, एंटी करप्शन जिला अध्यक्ष संजय परमार, राजूराम मूलियावास, भागराम मुलियावास, किरण भील, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश महासचिव मुगलाराम गमेती, बीटीपी जिला अध्यक्ष ओरसराम, रमेश चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष बाली रुपाराम पटेल, रुपाराम खेईर, भागराम कपाया, शैतान सिंह भील, प्रेम कुमार, शेराराम भील, नेमाराम भील, बगदाराम भील, पूरण भील, रोहट ब्लॉक अध्यक्ष मानाराम बांदाई, शेर सिंह भील, चेतन सिंह भील, जोताराम भील सहित समस्त आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आदिवासी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि “अरावली बचाओ, जीवन बचाओ” केवल नारा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व से जुड़ा सवाल है, जिस पर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से निर्णय लेना होगा।



