शिक्षक केवल कर्मचारी नहीं, राष्ट्र के चरित्र निर्माता हैं: कर्तव्यबोध दिवस पर गूंजा राष्ट्रप्रथम का संदेश

पाली : राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती से नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती तक आयोजित कर्तव्यबोध पखवाड़ा के अंतर्गत शनिवार को पाली उपशाखा में कर्तव्यबोध दिवस का गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण को केंद्र में रखते हुए शिक्षकों के दायित्वों पर गहन मंथन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओमप्रकाश मीना, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, पाली रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में चंद्रेश पाल सिंह (अतिरिक्त सहायक निदेशक), तेजसिंह पंवार (एडीईओ प्रारंभिक शिक्षा), राजेंद्र कुमार लखेरा (एडीईओ माध्यमिक शिक्षा) तथा देवेंद्रप्रसाद डाबी (अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सानिध्य जिला अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने प्रदान किया तथा अध्यक्षता उपशाखा अध्यक्ष नरेश सेन ने की।
जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने कर्तव्यबोध विषय पर ओजस्वी उद्बोधन देते हुए कहा कि “शिक्षक केवल वेतनभोगी कर्मचारी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का चरित्र निर्माता होता है।” उन्होंने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, सेवा भाव और राष्ट्रप्रथम की भावना से ही शिक्षक की वास्तविक पहचान बनती है। कर्तव्यबोध पखवाड़ा शिक्षकों को अपने दायित्वों का स्मरण कराने वाला प्रेरक अभियान है।
मुख्य अतिथि ओमप्रकाश मीना ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की सफलता पूर्णतः शिक्षक के कर्तव्यबोध पर निर्भर करती है। यदि शिक्षक ईमानदारी, निष्ठा और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करता है, तो शैक्षणिक गुणवत्ता स्वतः सुदृढ़ होती है। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों के समावेश पर बल दिया।

एडीईओ प्रारंभिक शिक्षा तेजसिंह पंवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन— सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी जीवनशैली एवं नागरिक कर्तव्यबोध पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में इन संस्कारों के बीजारोपण का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि चंद्रेश पाल सिंह एवं राजेंद्र कुमार लखेरा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों से युक्त जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण है। जिला अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) शिक्षक हितों के साथ-साथ राष्ट्रहित में सतत कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन भगवान सिंह ने किया। अंत में उपशाखा अध्यक्ष नरेश सेन ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष भीखाराम, तेजसिंह सोढा, शक्ति सिंह, लक्ष्मण कुमावत, प्रद्यमन सिंह, प्रताप राम, कैलाश कुमार, मुकेश कुमार जागरीवाल, मंगल सिंह, रामनिवास यादव, मुकेश जांगिड़, पारस प्रजापत, महिला शक्ति श्रीमती पिंकी रानी, राकेश कुमार दवे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।



