google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Paliदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

सांडेराव में पहली बार राज्य स्तरीय श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

पाली : पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पांच दिवसीय श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला (सांडेराव) 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मेले के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह ने बताया कि प्रथम बार राज्य स्तरीय स्वरूप में आयोजित किए जा रहे इस पशु मेले के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने मेले से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में पेयजल, स्वच्छता, कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, विद्युत एवं जल आपूर्ति, पशुओं के लिए चारा एवं राशन व्यवस्था सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही मेला क्षेत्र विकास कार्य, पशु प्रदर्शनी, पशु गोष्ठी, पशु प्रतियोगिताएं, खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा पुरस्कार वितरण व्यवस्था को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रशासन द्वारा अस्थायी पशु चिकित्सालय, अग्निशमन व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट्स, खान-पान की सुविधाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था तथा पोस्टर, बैनर एवं पेम्पलेट्स के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में मेले की पांच दिवसीय तिथियों, शुभारंभ समारोह, भजन संध्या, सांस्कृतिक संध्या एवं समापन समारोह के आयोजन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मेला मैदान के ले-आउट, टेंट व्यवस्था, क्रीड़ास्थल, पशुओं के लिए चारा स्थल तथा विभिन्न विभागों की स्टॉल एवं प्रदर्शनी स्थलों को चिन्हित करने पर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (बाली) शैलेन्द्र सिंह चारण, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज पंवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए यह पशु मेला पशुपालकों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने वाला आयोजन साबित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button