जाडन आश्रम प्रकरण पर स्वामी अवतार पुरी का आधिकारिक बयान, कहा– “गुरुदेव की गरिमा व सनातन धरोहर की रक्षा सर्वोच्च कर्तव्य”

पाली : श्री अलखपुरीजी सिद्ध पीठ परंपरा एवं ओम आश्रम, जाडन से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर पूज्य स्वामी अवतार पुरी जी—जो कि विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानंद जी के घोषित उत्तराधिकारी हैं—ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।
स्वामी अवतार पुरी जी ने पत्र में बताया कि जाडन आश्रम, जो श्री अलखपुरीजी सिद्ध पीठ परंपरा की पवित्र गद्दी तथा वर्तमान में विश्वगुरुजी का निवास स्थल है, उससे संबंधित कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ एवं आरोप सामने आए हैं, जिससे भक्तों में भ्रम और चिंता का वातावरण बना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस समय पूर्व निर्धारित सत्संग यात्रा के अंतर्गत न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में हैं, लेकिन इसके बावजूद जाडन आश्रम, वरिष्ठ सहयोगियों, जिम्मेदार अधिकारियों और विश्वभर के विश्वसनीय भक्तों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। स्वामी जी ने कहा कि वे पूरी स्थिति से भली-भांति अवगत हैं और सभी आवश्यक पहलुओं पर यथासंभव ध्यान दिया जा रहा है।
पत्र में स्वामी अवतार पुरी ने स्वयं को गुरुदेव का समर्पित शिष्य एवं घोषित उत्तराधिकारी बताते हुए कहा कि गुरुदेव की गरिमा, स्वास्थ्य, आध्यात्मिक विरासत, धर्म, संपत्ति और उनके द्वारा स्थापित धरोहरों की रक्षा करना उनका सर्वोच्च दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जिम्मेदारी केवल उनकी नहीं, बल्कि सभी सच्चे शिष्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
स्वामी जी ने “सुरक्षा परमो धर्मः” का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा ही सर्वोच्च धर्म है, और जहाँ धर्म सुरक्षित रहता है, वहाँ सभी की रक्षा स्वतः होती है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ओम आश्रम एक पवित्र आध्यात्मिक धरोहर है, जिसे किसी भी व्यक्ति, समूह या एजेंडे द्वारा कमजोर करने या नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पत्र के अंत में स्वामी अवतार पुरी जी ने सभी भक्तों से शांति, संयम और श्रद्धा बनाए रखने, तथा धर्म की भावना में एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि धैर्य, विवेक और संवाद के माध्यम से यह स्थिति समय के साथ सुलझ जाएगी और संवाद व समाधान के द्वार सदैव खुले रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि परिस्थितियाँ उनकी भौतिक उपस्थिति की मांग करेंगी, तो वे बिना किसी विलंब के भारत लौटेंगे।



