पाली में बाल विवाह पर सख्ती: मैरिज गार्डन संचालकों को किया जागरूक, बिना आयु प्रमाण बुकिंग नहीं करने की अपील

पाली : 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला कलक्टर पाली के निर्देशानुसार द्वितीय चरण (1 जनवरी से 31 जनवरी 2026) में बाल विवाह रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग, पाली के अधीन संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट द्वारा नगर निगम सभागार, पाली में विवाह भवन (मैरिज हॉल) संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का आयोजन सचिव नगर निगम पाली की अनुमति एवं निजी सचिव नगर निगम के सहयोग से किया गया। इसमें पाली शहर के प्रमुख विवाह भवन संचालक जगेश सोलंकी (जय अम्बे गार्डन), कांतिलाल (वर्धमान वाटिका), तरुण काबली (शिव गौरी वाटिका), विष्णु (उदय वाटिका), रामलाल (हनुमान वाटिका), गोपाल सीरवी (आईजी वाटिका), नारायण लाल (किसान केसरी गार्डन) एवं ओमप्रकाश (राजा पार्क) उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट पाली द्वारा बाल विवाह रोकथाम एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा के निर्देशन में प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर योगेन्द्र सिंह राठौड़ ने विवाह भवन संचालकों से आग्रह किया कि विवाह भवन की बुकिंग के समय वर-वधु की आयु से संबंधित वैध दस्तावेजों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए तथा बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ पत्र लिया जाए, ताकि बाल विवाह को किसी भी रूप में बढ़ावा न मिले।
विवाह भवन संचालकों ने विभाग एवं प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे बाल विवाह रोकथाम के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे तथा किसी भी संदिग्ध या बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करेंगे। बैठक के पश्चात चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट पाली के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर योगेन्द्र सिंह राठौड़, काउंसलर रेणुका जोशी, सुपरवाइजर विनय कुमार एवं केस वर्कर दिव्यांशी द्वारा उपस्थित विवाह भवन संचालकों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई।



