जिला कारागृह पाली का न्यायिक अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता की गहन समीक्षा

पाली : माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार गुरुवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋचा चौधरी द्वारा जिला कारागृह, पाली का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कारागृह में कुल 105 बंदी निरुद्ध पाए गए। न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान पीने के स्वच्छ पानी, स्नान एवं धुलाई हेतु जल आपूर्ति, व्यक्तिगत स्वच्छता सामग्री, कपड़े धोने की व्यवस्था, रसोईघर की स्थिति, बैरकों एवं शौचालयों की साफ-सफाई सहित संपूर्ण कारागृह व्यवस्था का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी बंदी केवल आर्थिक कारणों से या अधिवक्ता के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने उन बंदियों के संबंध में भी जानकारी ली, जिनकी जमानत हो जाने के बावजूद वे कारागृह में निरुद्ध हैं तथा उन्हें उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
नवआगंतुक बंदियों से बातचीत कर घटना या आरोपित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में भी जानकारी ली गई। अधिकारियों को बताया गया कि सभी बंदियों की नियमित रूप से ओपीडी समय में स्वास्थ्य जांच की जाती है तथा आपात स्थिति में उन्हें राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है।

निरीक्षण के समय जिला कारागृह पाली के कारापाल जोराराम, जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. रॉयमेन जोसेफ, चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल पाली मानसिंह आशिया, सहायक जेल विजिटिंग लॉयर्स विनीता प्रजापत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



