पाली में विहिप–बजरंग दल की जिला बैठक सम्पन्न, रामोत्सव व हनुमान जन्मोत्सव को लेकर बनाई व्यापक रणनीति

पाली : विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक हंस निर्वाण सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल, जिला अध्यक्ष नरेंद्र माछर एवं जिला उपाध्यक्ष सवाई सिंह द्वारा भारत माता एवं श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
जिला प्रचार प्रमुख मनीष सेन ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी रामोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तय करना रहा। प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रामोत्सव कार्यक्रम ग्राम, प्रखंड और उपखंड स्तर तक व्यापक रूप से आयोजित किए जाएंगे। साथ ही हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने जानकारी दी कि आगामी मई-जून माह में विहिप परिषद शिक्षा वर्ग एवं दुर्गा वाहिनी वर्ग का आयोजन होगा, जिसमें पाली जिले से अधिकाधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि संगठन का विस्तार और सशक्तिकरण हो सके।

छह प्रखंडों से पहुंचे कार्यकर्ता
जिला बैठक में पाली नगर, पाली ग्रामीण, स्टेशन क्षेत्र, मारवाड़ जंक्शन, रोहट और खिंवाड़ा सहित कुल छह प्रखंडों से कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संगठन विस्तार और जिम्मेदारियों के वितरण को लेकर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर दुर्गा वाहिनी जिला कॉलेज छात्रा प्रमुख निकिता लखारा, पाली दुर्गा वाहिनी प्रखंड संयोजिका ज्योति पंडित, बाल संस्कार केंद्र प्रमुख अंजली, कॉलेज छात्रा प्रमुख जया कुमावत, सह प्रमुख साक्षी परिहार, शक्ति साधना केंद्र प्रमुख जीनल प्रजापत, सह प्रमुख प्रियंका पंवार, बजरंग दल प्रखंड सह संयोजक महेंद्र प्रजापत, विहिप नगर सह मंत्री दुर्गेश चौहान, बजरंग बलोपासना प्रमुख प्रमोद गौड़, प्रखंड गौ रक्षा प्रमुख मनीष दवे, सुरक्षा प्रमुख गौरव शर्मा, ग्रामीण प्रखंड सह संयोजक प्रताप सिंह, सह मंत्री विक्रम सिंह भांवरी तथा ग्रामीण प्रखंड उपाध्यक्ष पदमाराम देवासी सहित अनेक कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
संगठन विस्तार पर जोर
बैठक का संचालन जिला मंत्री बाबूलाल कुमावत एवं सह मंत्री प्रवीण सीरवी ने किया। अंत में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया गया। जिला स्तर पर आयोजित इस बैठक को संगठन विस्तार और आगामी धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



