“जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा 2026 का बजट”: पाली में विशेष घोषणाओं के अभाव पर उठे सवाल

पाली। राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 के बजट को लेकर राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। बजट को लेकर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में विफल रहा है। विशेष रूप से किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के लिए इसमें ठोस राहत और स्पष्ट नीति का अभाव बताया जा रहा है।
पाली जिले के संदर्भ में कहा जा रहा है कि बजट में कोई बड़ी या विशेष घोषणा नहीं की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ऊर्जा, पशु चिकित्सा, प्रदूषण नियंत्रण और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित प्रावधान नजर नहीं आए।
जिलेवासियों को विश्वविद्यालय की सौगात मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जिला मुख्यालय सहित महाविद्यालयों में नए संकाय खोलने तक की घोषणा नहीं हुई। वहीं नगर निगम की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए भी किसी विशेष आर्थिक पैकेज का उल्लेख नहीं किया गया।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि किसानों को फसलों के नुकसान पर पर्याप्त मुआवजा, बांधों की भराव क्षमता बढ़ाने और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी स्पष्ट रोडमैप की कमी बताई जा रही है। रोजगार सृजन और नई भर्तियों को लेकर ठोस योजना की अपेक्षा थी, जो बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दी।
प्रतिक्रिया में यह भी कहा गया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय बजट में सभी जिलों के संतुलित विकास का प्रयास किया जाता था, जबकि वर्तमान बजट में क्षेत्रीय संतुलन की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदेश की जनता को राहत, विकास और भरोसे की उम्मीद थी, लेकिन आलोचकों के अनुसार यह बजट घोषणाओं तक सीमित नजर आता है। आने वाले दिनों में बजट को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।



