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आईटीआई पाली में विधिक साक्षरता शिविर: बाल विवाह, महिला अधिकार और नि:शुल्क कानूनी सहायता पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

पाली : युवाओं में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पाली में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली द्वारा आयोजित किया गया।

शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि उनके मानवाधिकारों के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के कारण लड़कियां शिक्षा से वंचित हो जाती हैं और उन्हें घरेलू हिंसा, शोषण तथा शारीरिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

सचिव भाटी ने सरल भाषा में विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013, बालश्रम, महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराध, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही पीड़ित प्रतिकर योजना, राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रक्रिया तथा महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों के बारे में भी जागरूक किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, नालसा पोर्टल एवं एप की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में विशेष रूप से “न्याय आपके द्वार – लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ और त्वरित समाधान” अभियान पर भी चर्चा की गई। सचिव भाटी ने बताया कि इस अभियान की अवधि अब 10 मार्च तक बढ़ा दी गई है और अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर उपनिदेशक संजय सिंह पटेल, वरिष्ठ अनुदेशक अनील दत्त हर्ष, कांता, मांगीलाल तंवर तथा अधिकार मित्र सहित संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहे।

Rajasthan Today

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