पाली में पैरालीगल वॉलंटियर्स का विशेष प्रशिक्षण, आमजन तक निःशुल्क न्याय पहुंचाने पर जोर

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार पाली जिले में मंगलवार को पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLV) के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मीटिंग हॉल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) राजेन्द्र कुमार, सचिव (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋचा चौधरी द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराकर न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना और आमजन में विधिक जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पैरालीगल वॉलंटियर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो जमीनी स्तर पर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं।

सचिव विक्रम सिंह भाटी ने प्रशिक्षण के दौरान प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना, राष्ट्रीय लोक अदालत, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39ए तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने PLV को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यों की नियमित रिपोर्टिंग, रजिस्टर संधारण, मानदेय प्रक्रिया और जियो-टैगिंग फोटो के साथ गतिविधियों का दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण के दौरान के.एम. शर्मा ने पैरालीगल वॉलंटियर्स की भूमिका, कर्तव्य और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए मध्यस्थता की प्रक्रिया समझाई। साथ ही उनके आचरण, वेशभूषा, व्यवहार और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में सदस्य स्थायी लोक अदालत ज्योति श्रीवास्तव ने लोक अदालत की कार्यप्रणाली, भारतीय संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों की जानकारी दी। वहीं हेड पैरालीगल वॉलंटियर मांगीलाल तंवर ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के अंत में पैरालीगल वॉलंटियर्स के साथ सामूहिक चर्चा आयोजित की गई, जिसमें उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में विधिक जागरूकता को मजबूत करने और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



