पाली : ‘एजुकेट गर्ल्स’ का दीक्षांत समारोह, 10वीं पास कर 750 से ज्यादा बेटियों ने रचा नया इतिहास

पाली : ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को नई दिशा देने वाली संस्था Educate Girls ने पाली में भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित कर एक बार फिर सामाजिक बदलाव की मिसाल पेश की। रेमन मैगसेसे पुरस्कार 2025 से सम्मानित इस संस्था ने अपने ‘प्रगति’ कार्यक्रम के तहत कक्षा 10 की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं का सम्मान किया।
समारोह में 750 से अधिक शिक्षार्थियों, 86 प्रेरकों, टीम बालिका स्वयंसेवकों, सामुदायिक नेताओं और सरकारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षा से वंचित रह चुकी किशोरियों और युवा महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पूरी कर नई पहचान बनाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र राठौड़ ने संस्था के 18 वर्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “एक लड़की को शिक्षित करना पूरे परिवार को सशक्त बनाता है।” उन्होंने ‘प्रगति’ कार्यक्रम की छात्राओं की दृढ़ता को सराहा और भविष्य में संस्था के प्रभाव को और बढ़ाने की उम्मीद जताई।
इस अवसर पर राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की कक्षा 10 परीक्षा में 70% से अधिक अंक प्राप्त करने वाली 13 छात्राओं को टॉपर्स के रूप में सम्मानित किया गया। इन छात्राओं ने घरेलू जिम्मेदारियों, सामाजिक बंधनों और वर्षों तक स्कूल से दूर रहने जैसी चुनौतियों को पार कर यह सफलता हासिल की।
‘प्रगति’ कार्यक्रम 15 से 29 वर्ष की उन युवतियों के लिए संचालित किया जाता है, जो किसी कारणवश शिक्षा से दूर हो गई थीं या पढ़ाई में पीछे रह गई थीं। अब तक 10,000 से अधिक लड़कियां इस पहल के माध्यम से अपनी शिक्षा दोबारा शुरू कर 10वीं कक्षा सफलतापूर्वक पूरी कर चुकी हैं।
समारोह के दौरान छात्राओं, प्रेरकों और स्वयंसेवकों ने अपनी प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। टीम बालिका के सदस्यों ने “मेरा गाँव, मेरी समस्या, मैं ही समाधान हूँ” की भावना के साथ गांव-गांव जाकर लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने के अपने प्रयासों को बताया।
यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन बेटियों के संघर्ष, आत्मविश्वास और सपनों की जीत का उत्सव बना, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर वे हर बाधा को पार कर सकती हैं।



