जोधपुर मंडल में रेलवे विकास को गति, डीआरयूसीसी बैठक में यात्रियों की सुविधाओं पर मंथन

जोधपुर : उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल की रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की वर्ष 2026 की पहली बैठक बुधवार को मंडल कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने की, जिसमें समिति के 11 नामित सदस्य और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक की शुरुआत में समिति के सचिव एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए समिति की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने सदस्यों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया।

बैठक में बताया गया कि जोधपुर मंडल में रेलवे अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें जैसलमेर, बाड़मेर और पाली रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास, स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की स्थापना, प्लेटफॉर्म को हाई लेवल करना, सीसीटीवी कैमरों का विस्तार, नई ट्रेनों का संचालन एवं विस्तार, रेलवे फाटकों पर अंडरपास और पुलिया निर्माण तथा फुटओवर ब्रिज और कोच इंडिकेशन सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
डीआरयूसीसी सदस्यों ने रेलवे द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कई अहम सुझाव भी दिए। इनमें रेलवे की खाली पड़ी भूमि का व्यावसायिक उपयोग, प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव में वृद्धि, कोच संख्या बढ़ाने और व्यापारिक सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
रेल प्रशासन ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक जोधपुर मंडल में रेलवे सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



