पाली : स्वर्ण प्राशन अभियान, 127 बच्चों को पिलाई गई रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधि

पाली : आयुर्वेद विभाग के निर्देशानुसार एवं जिला कलक्टर एल एन मंत्री की पहल पर बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, पाली में स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
शनि पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना के साथ सुबह 9:30 बजे कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान डॉ. शिवकुमार शर्मा, डॉ. संजय श्रीवास्तव और डॉ. हरिकृष्ण वैष्णव सहित चिकित्सा स्टाफ की मौजूदगी में बच्चों को स्वर्ण प्राशन की औषधि पिलाई गई।

शुरुआत में दोपहर 1:30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन बच्चों की भारी भीड़ और लंबी कतार को देखते हुए कार्यक्रम का समय बढ़ाकर शाम 4:30 बजे तक किया गया। इस दौरान कुल 127 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार स्वर्ण प्राशन आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक विकास और शारीरिक पोषण को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसे प्राकृतिक टीकाकरण के रूप में भी देखा जाता है।

अगला स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम 23 अप्रैल 2026 को गुरु पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को यह औषधि दी जाएगी। चिकित्सकों ने सलाह दी कि स्वर्ण प्राशन से पहले और बाद में 30 मिनट तक बच्चों को कोई खाद्य पदार्थ न दें तथा बुखार, खांसी या अन्य बीमारी होने पर दवा न पिलाएं।



