16 साल की परी धारीवाल ने रेज़िन आर्ट में बनाई खास पहचान, पढ़ाई के साथ हुनर का शानदार संतुलन

पाली : पाली क्षेत्र की युवा प्रतिभा परी धारीवाल कम उम्र में ही अपनी मेहनत और रचनात्मक सोच के दम पर रेज़िन आर्ट के क्षेत्र में अलग पहचान बना रही हैं। महज 16 वर्ष की उम्र में कक्षा 11वीं की छात्रा परी पढ़ाई के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
परी को रेज़िन आर्ट का विशेष शौक है। वह रेज़िन से राखी, फोटो फ्रेम, ब्रेसलेट, घड़ी, पेन जैसी कई आकर्षक और उपयोगी वस्तुएँ तैयार करती हैं। इसके अलावा उन्होंने वुडन प्लेट्स पर भी बारीक रेज़िन वर्क कर अपनी कारीगरी का शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी बनाई वस्तुओं में आधुनिकता और कलात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
कम उम्र में पढ़ाई और कला के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन परी ने अपने बेहतर समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास से यह संभव कर दिखाया है। इस सफर में उनके परिवार का पूरा सहयोग उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा है।
रेज़िन आर्ट की यह कला उन्होंने अपनी गुरु सपना चोपड़ा से सीखी है। गुरु के मार्गदर्शन में उन्होंने इस कला की बारीकियों को समझकर अपने हुनर को निखारा और आज नई-नई आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार कर रही हैं।
तिलक नगर निवासी परी के पिता रितेश धारीवाल और माता प्रमिला धारीवाल उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने में हमेशा सहयोग कर रहे हैं।
परी धारीवाल आज अपने समर्पण, रचनात्मकता और लगन से अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के साथ पढ़ाई के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।



