ECI का 100 दिनी एक्शन प्लान : चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और मतदाता सुविधाजनक बनाने की दिशा में 21 बड़े सुधार

नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में कार्यभार संभालने के पहले 100 दिनों के भीतर 21 नई पहलों की शुरुआत की है। इन पहलों का उद्देश्य चुनाव प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मतदाता-केंद्रित बनाना है। यह जानकारी मार्च 2025 में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन में साझा की गई।
इन 100 दिनों में आयोग ने प्रक्रियात्मक सुधार, डिजिटल नवाचार, प्रशिक्षण कार्यक्रम, राजनीतिक दलों से संवाद और कानूनी मजबूती जैसे कई मोर्चों पर ठोस कदम उठाए हैं।
प्रमुख सुधारों में शामिल:
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अब प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही होंगे, पहले यह सीमा 1500 थी।
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घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त मतदान केंद्र खोले जाएंगे ताकि कोई भी मतदाता 2 किमी से ज्यादा दूरी न तय करे।
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मतदाता सूचना पर्चियों को सरल और स्पष्ट बनाया गया है।
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मोबाइल जमा सुविधा हर मतदान केंद्र पर शुरू की जाएगी।
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उम्मीदवारों के बूथ की सीमा 200 मीटर से घटाकर 100 मीटर कर दी गई है।
तकनीकी और डिजिटल पहल:
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ECINET नामक एकीकृत डैशबोर्ड विकसित किया गया है जिससे 40 से अधिक ऐप्स और वेबसाइट की जरूरत खत्म हो जाएगी।
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मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए RGI डेटा का सीधा एकीकरण किया गया है।
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E-Office प्रणाली और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की गई।
प्रशिक्षण और मतदाता सूची सुधार:
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पहली बार RP अधिनियम, 1950 के तहत उपचुनाव से पहले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया गया।
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28 हितधारकों की पहचान कर विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं।
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अब तक 3500 से अधिक BLO Supervisors को प्रशिक्षण, आने वाले 45 दिनों में 6000 और प्रशिक्षित होंगे।
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सभी BLOs को मानकीकृत फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
राजनीतिक सहभागिता:
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देशभर में 4,719 सर्वदलीय बैठकें, 28,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी।
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मान्यता प्राप्त दलों के Booth Level Agents (BLAs) को IIIDEM में प्रशिक्षण।
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दिल्ली में AAP, BJP, BSP, CPI(M), NPP जैसी पार्टियों के साथ संवाद।
अन्य प्रशासनिक और कानूनी पहल:
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CEO कार्यालयों के मीडिया अधिकारियों का उन्मुखीकरण।
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बिहार के पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण।
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ECI वकीलों और राज्यों के CEOs की राष्ट्रीय कान्फ्रेंस।
इन पहलों से यह स्पष्ट है कि भारत निर्वाचन आयोग आने वाले चुनावों को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और मतदाता हितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।



