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जोधपुर मंडल में रेलकर्मियों को यात्री सेवा का प्रशिक्षण, 300 फ्रंटलाइन कर्मचारियों ने सीखे बेहतर व्यवहार और संवाद के गुर

जोधपुर : रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के साथ सीधे संपर्क में रहने वाले फ्रंटलाइन वाणिज्यिक कर्मचारियों के व्यवहार और सेवा कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में सात दिवसीय व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत अब तक चार प्रशिक्षण सत्र पूरे हो चुके हैं, जिनमें करीब 300 फ्रंटलाइन कर्मचारियों को यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार, प्रभावी संवाद, सकारात्मक दृष्टिकोण और सेवा भावना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को यात्रियों की जरूरतों को समझने, उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता एवं शालीनता के साथ समाधान करने और कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।

सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को यात्री सेवा से जुड़े विभिन्न व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को बताया गया कि यात्रियों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक तरीके से समाधान करना सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली विभिन्न समस्याओं और व्यावहारिक कठिनाइयों से भी अधिकारियों को अवगत कराया। संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने फ्रंटलाइन कर्मचारियों से ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फ्रंटलाइन कर्मचारी यात्रियों के सीधे संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनके व्यवहार में शालीनता, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना होना आवश्यक है।

उन्होंने कर्मचारियों को यात्रियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने और किसी भी परिस्थिति में शांत एवं सौम्य व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया। यात्रियों के साथ संवाद करते समय उनकी समस्या को ध्यान से सुनने और उचित समाधान उपलब्ध कराने को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने वाणिज्यिक कर्मचारियों को रेलवे के नियमों और प्रावधानों से निरंतर अपडेट रहने तथा उनका उचित अनुपालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के व्यवहार के साथ-साथ नियमों की सही जानकारी भी यात्री सेवाओं को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे यात्रियों को सही जानकारी देने और उनकी समस्याओं का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समाधान करने में मदद मिलती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लाइफ एवं स्किल डेवलपमेंट कोच श्रीकांत गुप्ता द्वारा कर्मचारियों को व्यवहार कुशलता, प्रभावी संवाद, सकारात्मक सोच और यात्री सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को विभिन्न माध्यमों से व्यवहारिक परिस्थितियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक कार्यक्षेत्र में यात्रियों के साथ बेहतर तरीके से संवाद कर सकें और समस्याओं का प्रभावी समाधान कर सकें।

सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रत्येक बैच में करीब 50 कर्मचारी भाग ले रहे हैं। अब तक आयोजित चार सत्रों में करीब 300 फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कर्मचारियों को अपनी कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्याएं और सुझाव साझा करने का अवसर भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने यात्री शिकायतों पर शुल्क लागू करने का सुझाव भी रखा।

जोधपुर मंडल में आयोजित यह सात दिवसीय व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 अक्टूबर तक जारी रहेगा। कार्यक्रम के माध्यम से फ्रंटलाइन वाणिज्यिक कर्मचारियों के व्यवहार, संवाद कौशल और यात्री सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया जा रहा है।

रेलवे प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों को बेहतर सेवा व्यवहार के लिए तैयार करना है, ताकि यात्रियों को अधिक सहयोगपूर्ण, संवेदनशील और प्रभावी सेवा उपलब्ध कराई जा सके।

Rajasthan Today

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