रेलकर्मियों को मिला ‘जीवन बचाने’ का प्रशिक्षण, जोधपुर रेलवे डिपो में मनाया गया सीपीआर जागरूकता सप्ताह

जोधपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आव्हान पर चल रहे राष्ट्रव्यापी सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तहत बुधवार को रेलवे कैरेज एंड वैगन डिपो, जोधपुर में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में रेलकर्मचारियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की तकनीक का गहन प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे आपात स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने में सक्षम हो सकें।
जोधपुर मंडल रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. आर. बुनकर ने बताया कि डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में 32 रेलकर्मचारियों को सीपीआर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मचारियों को हृदयगति रुकने जैसी आकस्मिक स्थितियों में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करना है। समय पर किया गया सीपीआर किसी की जिंदगी बचा सकता है, और हर व्यक्ति को इसका ज्ञान होना चाहिए।
सीपीआर प्रशिक्षण सत्र का संचालन डॉ. राजेंद्र तातेड़, डॉ. सुभाष साहू और डॉ. आयुष गहलोत ने किया। उन्होंने कर्मचारियों को सीपीआर की सही विधि का डेमो देकर समझाया और उनसे जुड़ी सभी शंकाओं का समाधान किया।
डॉ. बुनकर ने बताया कि रेलवे अस्पताल और विभिन्न हेल्थ यूनिटों में भी यात्रियों और मरीजों को सीपीआर की उपयोगिता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से रेलकर्मचारियों में आपदा स्थिति में त्वरित सहायता देने की क्षमता बढ़ेगी और यह अभियान रेलवे के सुरक्षा मिशन को और सशक्त बनाएगा।



