जोधपुर : रेलवे का बड़ा नवाचार, 10 मिनट में पूरी ट्रेन चमकाने वाला ऑटोमैटिक वॉशिंग प्लांट शुरू

जोधपुर : उत्तर पश्चिम रेलवे ने साफ-सफाई और आधुनिक तकनीक की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए जोधपुर मंडल के भगत की कोठी कोचिंग डिपो में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट शुरू कर दिया है। लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह हाई-टेक प्लांट अब ट्रेनों की बाहरी धुलाई को पहले से कहीं अधिक तेज, सटीक और पर्यावरण-अनुकूल बना रहा है।
डीआऱएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यह पूर्णत: स्वचालित तकनीक 24 कोच वाली पूरी ट्रेन को महज 7 से 10 मिनट में चमका देती है। हाई-प्रेशर जेट, डिटर्जेंट स्प्रे, ब्रशिंग, रिंसिंग, वाइपर और ब्लोअर जैसे मल्टी-स्टेप सिस्टम ट्रेन को बिना किसी मैनुअल हस्तक्षेप के पूरी तरह साफ कर देते हैं।

प्लांट में लगे एडवांस सेंसर सिर्फ जरूरत के मुताबिक पानी का उपयोग करते हैं। साथ ही स्थापित एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) धुलाई के पानी का लगभग 80% पुनर्चक्रित करता है, जिससे ताजे पानी की खपत में भारी कमी आई है।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) मेजर अमित स्वामी के अनुसार ट्रेन को प्लांट से 5 से 10 किमी/घंटा की रफ्तार से गुजारा जाता है। इसके दौरान—
पहले पानी से स्प्रे कर गीला किया जाता है, फिर डिटर्जेंट स्प्रे, हाई-टेक ब्रश डिटर्जेंट को अच्छी तरह स्क्रब करते हैं, ट्रीटेड पानी से रिंसिंग, वाइपर सिस्टम पानी हटाता है, अंत में ब्लोअर सिस्टम ट्रेन को पूरी तरह सुखा देता है, बाहरी धुलाई पूर्ण होने के बाद ट्रेन के अंदर की मैनुअल सफाई और अन्य मेंटेनेंस कार्य किए जाते हैं।

स्वचालित सिस्टम से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है, जिससे कर्मचारियों को अन्य महत्वपूर्ण रखरखाव कार्यों में प्रभावी ढंग से लगाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्लांट स्वच्छता, आधुनिकीकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मंडल की बड़ी उपलब्धि है।



