जोधपुर मंडल ने बनाया नया रिकॉर्ड: 200 रैक क्लिंकर लदान से 90 करोड़ का राजस्व, लक्ष्य से 73% अधिक प्रदर्शन

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने सीमेंट उद्योग के प्रमुख कच्चे माल क्लिंकर के लदान और राजस्व अर्जन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 200 रैकों के लदान से मंडल ने 90 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 53 प्रतिशत अधिक है।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मेड़ता रोड–बीकानेर रेलखंड पर स्थित मारवाड़ मूंडवा में मैसर्स अंबुजा सीमेंट लिमिटेड की गति शक्ति कार्गो टर्मिनल साइडिंग से क्लिंकर लदान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसके चलते रैकों की संख्या और राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी (10 माह) की अवधि में इस साइडिंग से क्लिंकर के कुल 200 रैक अंबाला, दिल्ली और लखनऊ क्षेत्रों की विभिन्न साइडिंग्स के लिए भेजे गए। इससे मात्र 10 माह में रेलवे को 90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो वर्ष 2024-25 की समान अवधि से 31 करोड़ रुपये अधिक है। अभी वित्त वर्ष के दो माह शेष हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार, गत वर्ष की तुलना में इस बार 84 रैक अधिक लोड किए गए हैं, जिससे राजस्व में 31 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि जोधपुर मंडल को इस मद में चालू वर्ष के लिए 4.64 लाख टन क्लिंकर लदान का लक्ष्य दिया गया था। मंडल ने लक्ष्य को पार करते हुए जनवरी 2026 तक 8.17 लाख टन क्लिंकर का लदान कर लिया, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 73 प्रतिशत अधिक है।
क्लिंकर का उपयोग सीमेंट निर्माण में प्रमुख घटक के रूप में किया जाता है। इसे जिप्सम एवं अन्य खनिज पदार्थों के साथ पीसकर ओपीसी, पीपीसी सहित विभिन्न प्रकार की सीमेंट तैयार की जाती है। क्लिंकर सीमेंट की मजबूती, टिकाऊपन और जमने की क्षमता तय करता है।
निर्मित सीमेंट का उपयोग भवन निर्माण, सड़क, पुल, बांध, रेलवे परियोजनाओं और अन्य आधारभूत ढांचों में व्यापक रूप से किया जाता है। साथ ही रेडी-मिक्स कंक्रीट, प्री-कास्ट कंक्रीट उत्पादों और विशेष निर्माण कार्यों में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। जोधपुर मंडल की यह उपलब्धि न केवल रेलवे की आय बढ़ाने में अहम साबित हो रही है, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी गति प्रदान कर रही है।



