जोधपुर रेलवे अस्पताल में बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं, एक वर्ष में 200 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन और 500 से ज्यादा जांच

जोधपुर : रेलवे अस्पताल जोधपुर में नेत्र रोगों के उपचार की बेहतर सुविधाओं से हजारों रेलवे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को लाभ मिल रहा है। अस्पताल में नियमित ओपीडी, नेत्र जांच और विभिन्न आंखों से जुड़ी बीमारियों के उपचार की व्यवस्था होने से मरीजों को समय पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीताराम बुनकर ने बताया कि अस्पताल में नेत्र रोगों के इलाज के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों को आंखों की देखभाल के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सावधानियों और देखभाल के उपायों की जानकारी दी जाती है।
उन्होंने बताया कि मरीजों को नियमित आंखों की जांच कराने, आंखों की स्वच्छता बनाए रखने, मोबाइल और कंप्यूटर का सीमित उपयोग करने तथा धूल-मिट्टी से बचाव रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया जाता है, ताकि समय रहते नेत्र रोगों की पहचान और उपचार हो सके।
रेलवे अस्पताल में कार्यरत मंडल चिकित्सा अधिकारी (नेत्र रोग) डॉ. मंजू कंवर शेखावत ने अपनी सेवाओं का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करते हुए मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान की हैं। इस दौरान उन्होंने 200 से अधिक मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) ऑपरेशन और 500 से अधिक नेत्र परीक्षण सफलतापूर्वक किए हैं।

इस अवधि में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारियों, उनके परिजनों और अन्य मरीजों को नेत्र संबंधी उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया, जिससे कई मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अस्पताल में कार्य दिवस के दौरान नेत्र विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, ताकि विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं यहीं मिल सकें।



