रेलवे का बड़ा फैसला, 17 हजार नए जनरल और स्लीपर कोच बनेंगे, आम यात्रियों को मिलेगी सस्ती और सुविधाजनक यात्रा

जोधपुर। आम यात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक रेल यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे बड़े स्तर पर नॉन-एसी कोचों की संख्या बढ़ाने जा रहा है। निम्न और मध्यम आय वर्ग के यात्रियों की बढ़ती यात्रा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 17 हजार नए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोचों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।
रेलवे के अनुसार जनरल और स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी मांग को देखते हुए रेलवे अपने कोच बेड़े का विस्तार कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को किफायती और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
इसी दिशा में रेलवे द्वारा अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक नॉन-एसी ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है। इन ट्रेनों को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और स्लीपर श्रेणी में इनकी औसत यात्री क्षमता 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह आधुनिक नॉन-एसी ट्रेनें हैं। इनमें 11 जनरल कोच, 8 स्लीपर कोच, 1 पैंट्री कार और 2 लगेज-कम-दिव्यांगजन कोच लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में बेहतर सीट और बर्थ डिजाइन, सीसीटीवी कैमरे, एलईडी लाइटिंग, यूएसबी चार्जिंग सॉकेट और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि आम यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 860 सामान्य कोच विभिन्न ट्रेनों में स्थायी रूप से जोड़े जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2024-25 के दौरान 1250 सामान्य कोच ट्रेनों में जोड़े गए थे।
यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे त्योहारों और छुट्टियों के दौरान विशेष ट्रेनें भी चला रहा है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 70 हजार से अधिक विशेष ट्रेन यात्राएं संचालित की गई हैं।
रेलवे के अनुसार यात्रियों की मांग, उपलब्ध रेल मार्ग और नेटवर्क क्षमता को ध्यान में रखते हुए नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि आम यात्रियों को बेहतर और सुलभ रेल सेवाएं मिल सकें।



