सीमावर्ती जिलों में रेलवे की बड़ी पहल, बाड़मेर-जैसलमेर में बनेंगी नई पिट लाइनें, बढ़ेगी ट्रेन संचालन क्षमता

जोधपुर : उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल संचालन क्षमता को बढ़ाने के लिए सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में बड़ी पहल की है। मिशन मोड में चल रहे कार्यों के तहत इन स्टेशनों पर नई पिट लाइनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे जोधपुर मंडल को सीधा लाभ मिलेगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के लिए रखरखाव सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। इसी के तहत बाड़मेर में 1 और जैसलमेर में 2 नई पिट लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों का प्राथमिक मेंटेनेंस अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि नई पिट लाइनों के शुरू होने से ट्रेनों के टर्नअराउंड टाइम में कमी आएगी और रेक का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इसके साथ ही बाड़मेर और जैसलमेर से नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल जहां जैसलमेर के पर्यटन को बढ़ावा देगी, वहीं बाड़मेर क्षेत्र के समग्र विकास में भी सहायक साबित होगी। साथ ही सामरिक दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रेलवे द्वारा विभिन्न स्टेशनों पर कुल 20 नई पिट लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे रखरखाव क्षमता लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है। भविष्य में 10 और पिट लाइनों के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।
इन स्टेशनों पर हो रहा निर्माण कार्य:
मदार (1), उमरा (2), लालगढ़ (4), श्रीगंगानगर (2), हिसार (2), सूरतगढ़ (2), खातीपुरा (4), बाड़मेर (1) और जैसलमेर (2)।
इस विस्तारित रखरखाव ढांचे से उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्र में रेल संचालन अधिक दक्ष, तेज और प्रभावी बनने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



