google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Jodhpurदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ को मिला आपातकालीन उपचार का प्रशिक्षण, सीपीआर तकनीक का हुआ लाइव प्रदर्शन

जोधपुर : उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित विकास केंद्र में रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण शिविर में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, आपातकालीन उपचार प्रणाली और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का लाइव व्यावहारिक प्रदर्शन रहा।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव शुक्ला, डॉ. प्रद्युम्न साहू सहित वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मेडिकल, नर्सिंग एवं तकनीकी कर्मचारियों को नवीन उपचार पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. प्रद्युम्न साहू ने सीपीआर की आवश्यकता, सही तकनीक, सावधानियों और आपातकालीन परिस्थितियों में इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डमी (मैनिकिन) के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन किया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में जीवनरक्षक तकनीक का अभ्यास करने का अवसर मिला।

विशेषज्ञों ने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में सही समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार नई तकनीकों और शोध के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों का समय-समय पर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है, ताकि मरीजों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ती है और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना संभव हो पाता है।

रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीताराम बुनकर ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नवीन उपचार पद्धतियों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

प्रशिक्षण सत्र के समापन पर प्रतिभागियों के ज्ञान का मूल्यांकन करने के लिए ऑनलाइन क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें मेडिकल, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्वीज के माध्यम से प्रशिक्षण के दौरान सिखाए गए विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिससे प्रतिभागियों की समझ और सीखने की क्षमता का आकलन किया गया।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि ऐसे नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल को मजबूत करते हैं, बल्कि मरीजों को समय पर बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button