कोटा में थाने के भीतर पिटाई का आरोप, भाजपा नेता से मारपीट के मामले में तीन कांस्टेबल लाइन हाजिर

कोटा : राजस्थान के कोटा जिले से पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। उद्योग नगर थाना में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष एवं कैटरिंग व्यवसायी हनुमान गौतम के साथ थाने के भीतर मारपीट करने का आरोप लगा है।
पीड़ित के अनुसार, उन्हें बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया, जिससे शरीर पर गहरे जख्म बन गए। विवाद की शुरुआत उनके कैटरिंग कार्य से जुड़े एक भुगतान मामले से हुई। बताया जा रहा है कि कुन्हाड़ी क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को भुगतान ठेकेदार द्वारा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार का फोन बंद होने पर मजदूर हनुमान गौतम के घर और कार्यालय पहुंच गए और हंगामा किया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दो मैनेजरों को थाने ले आई। इसके बाद हनुमान गौतम जब शिकायत दर्ज कराने और मजदूरों द्वारा भेजे गए धमकी भरे संदेश दिखाने थाने पहुंचे, तो उन्हें कथित रूप से पुलिस प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
हनुमान गौतम का आरोप है कि कांस्टेबल धर्मेंद्र, घमंडी और गिरिराज ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि कांस्टेबल धर्मेंद्र नशे की हालत में था और उन्हें “नेतागिरी निकालने” की धमकी देते हुए बेल्ट से कई वार किए। पीड़ित का कहना है कि यदि एक अन्य कांस्टेबल बीच-बचाव नहीं करता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद हनुमान गौतम ने आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल से मिलकर अपने शरीर पर चोटों के निशान दिखाए और पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने तत्काल प्रभाव से तीनों आरोपी कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया है।
प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रुद्र प्रकाश शर्मा को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि उद्योग नगर थाना हाल के समय में विवादों में रहा है। इससे पूर्व यहां तैनात कांस्टेबल मनीष यादव को लूट और अपहरण के मामले में बर्खास्त किया जा चुका है। ताजा घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और आमजन के प्रति उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



