बाल विवाह पर सख्ती: पाली में बैंड पार्टियों की बिना उम्र प्रमाण नहीं होगी बुकिंग, सेवा प्रदाताओं ने लिया बड़ा संकल्प

पाली : 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला कलक्टर पाली के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अभियान के द्वितीय चरण (1 जनवरी से 31 जनवरी 2026) में विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं—विवाह भवन, बैंड पार्टियां, डीजे, कैटरर्स एवं टेंट हाउस संचालकों—को जागरूक कर बाल विवाह में किसी भी प्रकार की भूमिका न निभाने का आग्रह किया जा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, पाली कार्यालय में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा की अध्यक्षता में बैंड एसोसिएशन, पाली के पदाधिकारियों एवं शहर की 14 बैंड पार्टियों के संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बैंड एसोसिएशन पाली के अध्यक्ष अजीज कोहिनूर, उपाध्यक्ष मनोहर भाई, महामंत्री संजय कालसा, कोषाध्यक्ष मोहम्मद सफी, प्रचार मंत्री सलमान खान तथा संरक्षक मास्टर लतीफ एवं मास्टर जहूर भाई सहित अनेक संचालक उपस्थित रहे।
सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने सेवा प्रदाताओं से आग्रह किया कि वे बाल विवाह रोकथाम में प्रशासन के सहयोगी बनें।
बैठक के दौरान बैंड एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीज कोहिनूर एवं अन्य सदस्यों ने आश्वासन दिया कि वे बाल विवाह की किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएंगे। साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बैंड पार्टी की बुकिंग अब वर-वधू की आयु संबंधी वैध दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्वीकार की जाएगी, जिससे बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बैठक के समापन पर सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा द्वारा उपस्थित सभी बैंड पार्टी संचालकों एवं विभागीय कर्मचारियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई।



