एनएसएस विशेष शिविर का भव्य समापन, छात्राओं में राष्ट्रसेवा व आत्मनिर्भरता का संकल्प

पाली : जिला मुख्यालय स्थित श्रीमती गुमान बाई पन्नालाल भंसाली राजकीय कन्या महाविद्यालय, पाली में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह मंगलवार को गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. विनीता कोका द्वारा अतिथियों के साथ विद्या की देवी माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत पौधारोपण एवं पौधे भेंट कर किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा पाली जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने स्वयंसेविकाओं को राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने हेतु स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संकल्प दिलवाया।
विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी, सह आचार्य, बांगड़ महाविद्यालय ने छात्राओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। वहीं एनएसएस पाली जिला समन्वयक डॉ. महेंद्र कुमार ने छात्राओं को लक्ष्य प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने तथा शिक्षा, संस्कार एवं संस्कृति को अपने व्यक्तित्व में आत्मसात करने का मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। स्वयंसेविकाओं ने सात दिवसीय विशेष शिविर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऐसे शिविर व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम अधिकारी प्रो. मुकेश पाणेचा ने सात दिवसीय विशेष शिविर की विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि प्रो. कुलदीप राखेचा ने छात्राओं को शिविर में सीखे गए कार्यों को अपने जीवन एवं समाज सेवा में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में डिंपल सोनी (इकाई प्रथम) एवं सोनू चौधरी (इकाई द्वितीय) को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका घोषित किया गया। सात दिनों की समूह गतिविधियों के आधार पर एकता समूह ने प्रथम, चैम्बर ऑफ साइंस ने द्वितीय तथा एनएसएस सेवा स्क्वाड ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं वर्षभर की गतिविधियों के आधार पर 10 स्वयंसेविकाओं को उत्कृष्ट स्वयंसेविका के रूप में सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ. विनीता कोका ने स्वयंसेविकाओं को श्रेष्ठ व्यक्तित्व निर्माण के लिए भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति आधारित मूल्यों को जीवन में संजोने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में सहायक आचार्य राकेश मीणा, देवीलाल, रवीना, भोजराज चारण, लीला चौधरी, ज्योति शर्मा एवं राजकिरण सहित संकाय सदस्य उपस्थित रहे।



