‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत गांव-गांव संवाद, कांग्रेस ने मजदूरों के हक में छेड़ा अभियान

पाली : “मनरेगा बचाओ संग्राम महाअभियान” के तहत पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के लाम्बिया और खोड़ गांव में पाली जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मनरेगा श्रमिकों व ग्रामीणों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीण एवं कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए।
संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाली जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा के नाम, प्रावधानों और स्वरूप से छेड़छाड़ कर इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

विधानसभा प्रभारी मकसूद अहमद ने कहा कि कांग्रेस गांव-गांव जाकर मनरेगा बचाने की लड़ाई लड़ेगी और मजदूरों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों की आजीविका का सवाल है।
इस अवसर पर विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा ने मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लेने, मजदूरों को समय पर काम व भुगतान सुनिश्चित करने, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली तथा न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन करने की जोरदार मांग रखी।
ब्लॉक प्रभारी व वरिष्ठ कांग्रेस नेता जोगाराम सोलंकी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस मजदूरों और गरीबों के हक की आवाज लगातार उठाती रहेगी। वहीं प्रदेश सेवादल उपाध्यक्ष मोहन हटेला ने मनरेगा को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए कहा कि इसे कमजोर करना सीधे तौर पर गरीबों के साथ अन्याय है।

कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मनरेगा श्रमिकों ने योजना को बचाने और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला, बाबू सिंह वायद, ब्लॉक अध्यक्ष गणेशराम चौधरी, भेराराम गुर्जर, दिलीप सिंह रावलवास, शाहबुद्दीन बागवान, मण्डल अध्यक्ष दुर्गाराम, मोहनसिंह हेमावास, मुकेश बारोलिया, शैतान कुमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य भोपाल खां, इंदर सिंह निंबाड़ा, ताराचंद गर्ग, अनिल सिंह निंबाड़ा, सुखिया देवी सहित सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, कांग्रेस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नरेगा कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली।



