पाली जिले में ग्राम उत्थान शिविरों का भव्य आगाज़, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

पाली : राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों के प्रथम चरण का शुभारंभ शुक्रवार को पाली जिले भर में किया गया। इसी क्रम में देसूरी ग्राम पंचायत में भी ग्राम उत्थान शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय कार्मिकों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।
देसूरी ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर का शुभारंभ प्रशासक केसाराम भील की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी घीसाराम चौधरी, पटवारी आशीष मीणा, पटवारी नारलाई हजारीलाल विश्नोई, कृषि पर्यवेक्षक ललित गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर की शुरुआत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सामूहिक शपथ के साथ की गई।
ग्राम उत्थान शिविरों का मुख्य उद्देश्य कृषि के आधुनिकीकरण, उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, किसानों को वैश्विक कृषि ज्ञान से जोड़ना तथा उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना है। साथ ही कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं निवेश को प्रोत्साहित करना भी इस कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य बताया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों को शामिल किया गया है। किसानों के हित में प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभ से ही व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। ग्राम उत्थान शिविरों में कृषि, कृषि विपणन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभागों की सक्रिय सहभागिता रही।
शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत तारबंदी के 12, फसल बीमा के 165, फवारा के 1, पॉली हाउस के 1, कृषि विपणन के 1, किसान क्रेडिट कार्ड के 14, सदस्यता आवेदन 6, सहकारी आवेदन स्वीकृति 18, मुख्यमंत्री पशु मंगला योजना के 54 पंजीकरण, 304 पशुओं को कृमिनाशक दवा, 1 कृत्रिम गर्भाधान, स्वामित्व कार्ड 11 तथा जल संसाधन विभाग के 18 आवेदन प्राप्त हुए।
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
24 जनवरी को पाली जिले के रोहट के वायद, सोजत, मारवाड़ जंक्शन के धूंधला, देसूरी के सादड़ी, रानी के कीरवा, बाली के चामुंडेरी एवं सुमेरपुर के तख्तगढ़ में ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे।



