
पाली : अणुव्रत नगर के विशाल प्रांगण में कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित आध्यात्मिक महामहोत्सव में सनातन संस्कृति की पौराणिक विविधता और दिव्य शक्ति के दर्शन हो रहे हैं। आयोजन के आरंभिक दिनों से ही देश-प्रदेश से आए श्रद्धालुओं का कारवां उमड़ पड़ा है।

रविवार को आयोजित भैरव पुराण कथा के दौरान जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को ऋण एवं कष्ट निवारण के लिए दुर्लभ मंत्र साधना करवाई। उन्होंने कहा कि मनुष्य की सोच और वाणी यदि नकारात्मक होगी तो जीवन में नकारात्मकता ही आकर्षित होगी, इसलिए सदैव सकारात्मक चिंतन और सकारात्मक वाणी को अपनाना चाहिए। ईश्वर से की जाने वाली प्रत्येक कामना भी सकारात्मक भाव से करनी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने सर्व कष्ट निवारण के कई दुर्लभ एवं प्रभावी उपाय भी श्रद्धालुओं को बताए।

इससे पूर्व महालक्ष्मी महायज्ञ में जगद्गुरु देव के सान्निध्य में काशी से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा विशेष वैदिक विधान से अनवरत मंत्रोच्चार करते हुए आहुतियां प्रदान की गईं। यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूर्ति हेतु विभिन्न धार्मिक विधान कराए।
प्रातःकालीन साधना सत्र में जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी महाराज के मार्गदर्शन में सर्व सिद्धि साधना करवाई गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ लगभग तीन घंटे तक अनवरत साधना की। सोमवार को भी साधना सत्र में बड़ी संख्या में साधकों ने नित्य साधना में भाग लिया, जिसके पश्चात शाम तक महालक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन किया गया।

आयोजन स्थल पर प्रतिदिन आयोजित हो रहे विशाल भंडारे में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बना हुआ है।



