मां पद्मावती की कृपा का भावुक प्रसंग सुनकर श्रद्धालु हुए भावविभोर, पाली में कृष्णगिरी पीठाधीश्वर के सान्निध्य में उमड़ा आस्था का महासागर

पाली : कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित नौ दिवसीय आध्यात्मिक महामहोत्सव से समूचा पाली नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया है। दिव्य साधना, महालक्ष्मी समृद्धि यज्ञ एवं भैरव महापुराण कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ रही है, वहीं भक्त बड़ी संख्या में प्रसादी का भी लाभ ले रहे हैं।
शुक्रवार रात्रि भैरव महापुराण कथा के दौरान जगद्गुरू देव वसंत विजयानंद गिरी महाराज ने मां पद्मावती की महिमा का अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। गुरुदेव ने कथा में बताया कि कैसे एक व्यक्ति समृद्ध जीवन से अचानक दरिद्रता के गर्त में चला गया। धन-संपत्ति नष्ट हो गई, परिवार और अपने भी साथ छोड़ गए, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी उसने मां पद्मावती का स्मरण नहीं छोड़ा।

गुरुदेव ने बताया कि निराशा के उस क्षण में जब व्यक्ति ने मां से प्रश्न किया कि यदि वह साथ होतीं तो ज़मीन पर चार पैरों के निशान होते, तब मां पद्मावती ने दिव्य वाणी में कहा—“बेटा, मैंने तुझे कभी नहीं छोड़ा। जो दो पैरों के निशान दिख रहे हैं, वे तेरे नहीं, मेरे हैं। तू तो कब का चलने की शक्ति खो चुका था, इसलिए मैं ही तुझे अपनी गोद में उठाकर चला रही थी।” यह प्रसंग सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और मां पद्मावती की जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
जगद्गुरू देव ने कहा कि मां पद्मावती सच्चे मन से स्मरण करने वाले प्रत्येक भक्त के कष्ट हर लेती हैं। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के कृष्णगिरी में स्थित मां पद्मावती का भव्य एवं दिव्य मंदिर चमत्कारिक शक्तियों से युक्त है, जहां देश-विदेश से असंख्य श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कथा में भगवान शिव, माता पार्वती एवं गंगा स्नान के प्रसंग के माध्यम से गुरुदेव ने कहा कि भक्ति की गंगा में श्रद्धा और विश्वास के साथ डुबकी लगाने से जीवन सार्थक हो जाता है।

इससे पूर्व गुरुवार को राजस्थान के अंता विधायक एवं पूर्व केबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया ने जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज का पुष्पहार, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भावभीना स्वागत-सत्कार कर गुरुदेव से आशीर्वाद लिया।
महामहोत्सव के अंतर्गत रविवार, 1 फरवरी को जगद्गुरू वसंत विजयानंद गिरी महाराज की निश्रा में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसे अब तक की सबसे विशाल कलश यात्रा बताया जा रहा है। यह यात्रा प्रातः 11 बजे बालिया स्कूल के पास रामदेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों—मेड़तिया स्वीट होम, महाराणा प्रताप चौक, सराफा बाजार, घी का झंडा, धानमंडी, रुई कटला, पुरानी सब्जी मंडी, सुराणा सराय, पुराना बस स्टैंड, रुचिता गैस होते हुए आयोजन स्थल अणुव्रत नगर ग्राउंड पहुंचेगी। यात्रा में बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े, घोड़े और सुसज्जित रथ आकर्षण का केंद्र रहेंगे।




