35 वर्षों बाद लौटेगा गोडवाड़ का ऐतिहासिक वैभव, श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला 2026 को भव्य बनाने का लिया संकल्प

पाली : श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला 2026 के सफल एवं भव्य आयोजन को लेकर शुक्रवार को मेला स्थल स्थित श्री निम्बेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मारवाड़, गोडवाड़ एवं जालौर क्षेत्र के पशुपालकों एवं अश्व पालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में पशुपालकों एवं अश्व पालकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
बैठक की अध्यक्षता हरिशंकर मेवाड़ा ने की। उन्होंने कहा कि गोडवाड़ की धरती पर 35 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहा यह पशु मेला क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने सभी पशुपालकों से जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के साथ समन्वय बनाकर मेले को सफल बनाने का आह्वान किया।
डॉ. अजित सिंह नारलाई ने कहा कि यह मेला केवल एक राजकीय आयोजन नहीं, बल्कि गोडवाड़ के पशुपालन एवं मारवाड़ी अश्वों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशु एवं अश्व 13 फरवरी से पूर्व मेला प्रांगण में लाएं तथा मेला समाप्ति के बाद ही उन्हें वापस ले जाएं।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार पंवार ने मेले की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं कार्यक्रम की तिथियों की विस्तार से जानकारी दी तथा सभी से सुझाव आमंत्रित किए, ताकि समय रहते व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. परीक्षित पुरोहित ने बताया कि 14 फरवरी 2026 को ऊँट एवं अश्व श्रृंगार एवं नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जबकि 15 फरवरी 2026 को अश्वों की प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में मेला स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, वाहन पार्किंग, पशु एवं पशुपालकों के लिए आवास सहित आवश्यक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
महंत सौरम भारती की उपस्थिति में मेला व्यवस्थाओं के लिए एक समिति का गठन किया गया। सर्वसम्मति से श्री निम्बेश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह राणावत एवं हुक्म सिंह कवला को संरक्षक बनाया गया। समिति में हरिशंकर मेवाड़ा को अध्यक्ष, श्री लालजी चौधरी बड़गांवड़ा, रघुराज सिंह रणकपुर, राजेन्द्र सिंह कोरटा एवं पर्वत सिंह सलोदड़िया को उपाध्यक्ष तथा डॉ. अजित सिंह नारलाई, निर्भय सिंह कोरटा, अमित विक्रम सिंह एवं लक्ष्मण सिंह को महासचिव नियुक्त किया गया।
बैठक में हरि सिंह सोकड़ा, विजयपाल सिंह, हणवंत सिंह, शंकर सिंह मुंडारा, कुलदीप सिंह सेदड़िया, भागीरथ सिंह राजपुरोहित, युवराज सिंह खोड़ सहित अनेक गणमान्य अश्व पालकों एवं युवाओं ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। गठित समिति द्वारा मेला व्यवस्था से संबंधित समस्त कार्यों का संचालन किया जाएगा।



