
पाली : शहर की रजत नगर, पंचम नगर एवं जय नगर बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हिन्दू सम्मेलन रविवार को केशव भवन (चन्दू सा का नोहरा) में पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सनातन चेतना और हिन्दू एकता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
सम्मेलन के तहत पंचेश्वर महादेव मंदिर से दोपहर 1:30 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई। मंगल कलश धारण किए महिलाओं के समूह “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ आगे बढ़े, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। इससे पूर्व शनिवार सायंकाल चादर वाला बालाजी मंदिर से विशाल भगवा वाहन रैली निकाली गई, जिसने सम्मेलन के प्रति लोगों में उत्साह और जागरूकता का संचार किया।
मुख्य सम्मेलन का आयोजन दोपहर 3:15 बजे केशव भवन में हुआ, जहां संतों के सान्निध्य और ओजस्वी विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए
संत श्री सुरजनदास जी महाराज (खेड़ापा बड़ा रामद्वारा) ने आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला।
महामंडलेश्वर श्री चेतनगिरी जी महाराज (संतोष आश्रम, सोजत सिटी) ने समाज को अपनी सनातन पहचान को सुदृढ़ करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक मृत्युंजय ने कहा कि मंदिरों, गुरुकुलों और विश्वविद्यालयों को तोड़ा और जलाया गया, फिर भी सनातन संस्कृति अमिट रही। उन्होंने कहा कि जब हमारे देवी-देवताओं ने कभी भेदभाव नहीं किया, तो हम भेदभाव करने वाले कौन होते हैं। सभी हिन्दू सगे भाई समान हैं।
सम्मेलन के समापन पर सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए समरसता भोज की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर सहभागिता निभाई।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक गोपाल अग्रवाल, संयोजक ओमपुरी, हरजी सीरवी, छैलाराम कुमावत, नरेश गहलोत, ओम बागरेचा, वरदाराम देवासी, सुगनाराम, विमला बाई, ओमप्रकाश, सत्यनारायण जांगिड़, खीयाराम, विजेंद्र सिंह सहित पूरी आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहा।



