पाली में स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी तेज: ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर

पाली : स्वच्छ भारत मिशन के तहत पाली जिले में स्वच्छता को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजस्थान सरकार के स्वच्छ भारत मिशन ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्टर सभागार में स्वच्छता समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने विभिन्न निकायों के अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
के.के. गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्वच्छता मिशन को धरातल पर उतारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित राज्य और विकसित जिले के निर्माण के लिए स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की महत्ता देश-विदेश में स्थापित हो चुकी है और स्वच्छता केवल गंदगी से मुक्ति ही नहीं, बल्कि अनेक बीमारियों से बचाव का माध्यम भी है। किसी भी शहर के प्रति पर्यटकों की पहली धारणा उसकी स्वच्छता से बनती है।

उन्होंने बताया कि शीघ्र ही स्वच्छता सर्वेक्षण निरीक्षण प्रस्तावित है। इसे देखते हुए सभी निकाय अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण जिम्मेदारी, समर्पण और समयबद्धता के साथ कार्य करें तथा मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया, जिनमें— वर्षभर नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक निस्तारण, नाइट स्वीपिंग व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों का बेहतर रखरखाव, सड़कों व नालियों की नियमित सफाई, रोड लाइट व्यवस्था सुदृढ़ करना, बाग-बगीचों की स्वच्छता, तालाब-झीलों का जीर्णोद्धार, अतिक्रमण हटाना, जियो-टैग आधारित मॉनिटरिंग, जागरूकता होर्डिंग एवं शिकायत निवारण टोल सेवा शामिल हैं।

के.के. गुप्ता ने डूंगरपुर जिले के स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी रहने का उदाहरण देते हुए कहा कि टीम वर्क, जनजागरूकता, नियमित मॉनिटरिंग और कचरा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले निकाय अधिकारियों नरपत सिंह, लोकेश और विकास का आभार व्यक्त किया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) ओम प्रभा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सीपा, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, यूआईटी के विकास लेघा सहित विभिन्न निकायों के ईओ, एईएन और इंजीनियर उपस्थित रहे। पाली में स्वच्छता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर की जा रही यह सक्रियता आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




