शिक्षा नेग बना सामाजिक बदलाव की मिसाल, लाडपुरा में विवाह समारोह में दी गई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहयोग

सोजत/लाडपुरा : समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में “शिक्षा नेग” की पहल एक प्रेरणादायक परंपरा के रूप में उभर रही है। उद्देश्य यह है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। राजपूत शिक्षा कोष द्वारा शुरू की गई यह मुहिम अब सामाजिक सरोकार का रूप लेती जा रही है।
राजपूत शिक्षा कोष के चंद्रवीर सिंह सिसरवादा ने बताया कि विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों में पारंपरिक नेग की तरह अब शिक्षा नेग देने की पहल की जा रही है। इस अभियान की शुरुआत पद्मश्री-पद्मभूषण डॉ. नारायण सिंह माणकलाव की प्रेरणा से हुई थी। वर्ष 2017 से शिक्षा कोष जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सभी समाज इस पहल को अपनाएं तो शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इसी क्रम में लाडपुरा के भामाशाह परिवार के रूप में पहचान रखने वाले छैल सिंह जैतावत एवं पूरण सिंह जैतावत (ठिकाना लाडपुरा) ने समाजहित में शिक्षा नेग प्रदान किया।
पूरण सिंह जैतावत ने अपने सुपुत्र महावीर सिंह जैतावत के विवाह समारोह के अवसर पर ₹11,000 की राशि शिक्षा नेग के रूप में प्रदान की। यह राशि मूल सिंह लाडपुरा की उपस्थिति में पूर्व पार्षद सवाई सिंह जैतावत, रामसिंह गुड़ा एवं नरपत सिंह गुड़ा श्यामा को सुपुर्द की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी पूरण सिंह जैतावत अपनी पुत्री के विवाह समारोह में ₹31,000 की शिक्षा नेग राशि समाज को दे चुके हैं।
इस अवसर पर मारवाड़ राजपूत सभा सोजत अध्यक्ष गोविंद सिंह सिसरवादा, श्रवण सिंह बाली, नरपत सिंह गुड़ा श्यामा, भगवत सिंह बगड़ी, किशोर सिंह बगड़ी, भवानी सिंह भैंसाना, हरदयाल सिंह दादिया, जितेन्द्र सिंह धागड़वास, गणपत सिंह भैंसाना, भंवर सिंह भैंसाना, राजू सिंह भैंसाना, बलवंत सिंह हेमावास, सरस्वती विद्यालय निदेशक हुकम सिंह जैतावत, कालू सिंह लाडपुरा, अमर सिंह केलवाद सहित गुड़ा क्षेत्र एवं सोजत के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। समाज के जानकारों का मानना है कि शिक्षा नेग की यह परंपरा आने वाले समय में आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं के लिए शिक्षा का मजबूत सहारा बन सकती है।




