पाली में नवविवाहित जोड़ों को मिला वैवाहिक जीवन का मार्गदर्शन: “तेरे मेरे सपने” केंद्र में संवाद और समझ पर जोर

पाली : महिला अधिकारिता विभाग पाली के तत्वावधान में विवाह पूर्व संवाद केंद्र “तेरे मेरे सपने” में नवविवाहित जोड़ों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। उपनिदेशक भागीरथ चौधरी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दाम्पत्य जीवन को भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक स्तर पर मजबूत बनाना रहा।
केंद्र की प्रबंधक प्रियंका व्यास ने दाम्पत्य जीवन में आपसी समझ, प्रभावी संवाद और भावनात्मक सामंजस्य को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को वैवाहिक अपेक्षाओं, वित्तीय योजना, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भविष्य की जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रेरित किया, ताकि संबंधों की मजबूत नींव रखी जा सके।
केंद्र की विधिक सलाहकार भाग्यश्री गहलोत ने कहा कि विवाह की तैयारियों में अक्सर समारोह और व्यवस्थाओं पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि विवाहोपरांत जीवन की मानसिक तैयारी और आपसी समझ पर कम विचार होता है। “तेरे मेरे सपने” केंद्र की स्थापना इसी सोच को बदलने के लिए की गई है।
उन्होंने बताया कि यहां युवाओं को भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल, आपसी सम्मान, वित्तीय प्रबंधन और परिवार की भूमिका जैसे विषयों पर परामर्श दिया जाता है। प्री-मैरिटल काउंसलिंग स्वस्थ संबंधों की मजबूत नींव तैयार करती है, संभावित चुनौतियों के लिए तैयार करती है और मतभेद सुलझाने के प्रभावी तरीके सिखाती है।
विशेषज्ञों ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो सोच, दो संस्कृतियों और दो सपनों का मिलन होता है। ऐसे में इन सपनों को साकार करने के लिए प्रभावी संवाद सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर पाली ब्लॉक की साथिनों को भी “तेरे मेरे सपने” केंद्र की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। पाली में आयोजित यह पहल स्वस्थ और संतुलित वैवाहिक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



