पाली के बांगड़ अस्पताल में साइबर जागरूकता का अलख — डिजिटल ठगी से बचाव को लेकर छात्राओं को किया सतर्क

पाली : डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के खतरे को देखते हुए पाली में व्यापक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी के मार्गदर्शन में बांगड़ अस्पताल स्थित जी.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र में साइबर अपराध जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में अधिकार मित्र मांगीलाल तंवर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार सतर्कता है। उन्होंने अज्ञात लिंक से दूरी बनाए रखने, ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतने तथा किसी भी प्रकार की डिजिटल ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ विधिक जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को “न्याय आपके द्वार” अभियान, कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित कानून 2013, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना, महिला एवं बाल अधिकार, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, वरिष्ठ नागरिक सम्मान और सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम से जुड़े कानूनों की सरल जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की योजनाओं, पोर्टल, मोबाइल एप तथा हेल्पलाइन 15100 की उपयोगिता से भी अवगत कराया गया।
इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत पाली में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विधि विद्यार्थी पुनित गोरा ने फिशिंग, यूपीआई फ्रॉड, निवेश ठगी, एआई वॉइस स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और पासवर्ड सुरक्षा जैसे आधुनिक साइबर खतरों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने संविधान के मूल कर्तव्यों, अधिकारों और शिक्षा के अधिकार पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्राओं एवं स्टाफ को बाल विवाह नहीं करने तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। शिविर में कार्यवाहक प्राचार्य तुलसीराम, मनीषा पटेल सहित प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।



