निम्बेश्वर महादेव पशु मेले में दिखी परंपरा की झलक: अश्व-ऊँट प्रतियोगिताओं और लोकनृत्यों ने बांधा समां

पाली : राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत सुमेरपुर तहसील स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री निम्बेष्वर महादेव मंदिर परिसर में 13 से 17 फरवरी तक जिला प्रशासन पाली एवं पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित पशु मेला इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मेले में पारंपरिक लोकसंस्कृति और पशुपालन से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें अश्व एवं ऊँट नृत्य और श्रृंगार प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।

अश्व नृत्य प्रतियोगिता में 23 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रथम स्थान जोधपुर के शाहरुख खान के अश्व “राणा” को मिला, जबकि द्वितीय स्थान सिरोही के सुरेश कुमार गोस्वामी की घोड़ी “विरमी” और तृतीय स्थान उदयपुर के लकी के अश्व “टाइगर किंग” को प्राप्त हुआ।
अश्व श्रृंगार प्रतियोगिता में 9 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें सचिन के अश्व “एक्लविय” को प्रथम, अजीत के अश्व “सुरज” को द्वितीय तथा जोगेन्द्र के अश्व “यमराज” को तृतीय स्थान मिला।

ऊँट श्रृंगार प्रतियोगिता में ओमप्रकाश पुत्र भोमाराम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ऊँट नृत्य प्रतियोगिता में पुखराज पुत्र प्रभुराम का ऊँट विजेता रहा।
मेले में आयोजित साफा प्रतियोगिता में तेजेन्द्र सिंह चौहान (पाली) को प्रथम स्थान मिला, जबकि मूँछ प्रतियोगिता में विक्रम सिंह भैसाणा (सोजत) विजेता रहे।
गोड़वाड़ केसरी का खिताब बुधराज कुन्दरेचा (ढालोप) को, गोड़वाड़ सुंदरी का पुरस्कार भारती को तथा बेस्ट कपल का पुरस्कार रितु और ओमप्रकाश प्रजापत को प्रदान किया गया।

रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तेरहताली, भवाई और कालबेलिया जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों ने मेले की शोभा बढ़ाई और दर्शकों को राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति से रूबरू कराया। यह पशु मेला परंपरा, पशुपालन और लोकसंस्कृति के संगम के रूप में क्षेत्रीय पहचान को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।




