डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारी तेज: पाली में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण, 1 मई से होगी स्व-गणना

पाली : पाली में आगामी डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रथम चरण के तहत मकान गणना और मकान सूचीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला, तहसील और नगर चार्ज के नियमित सहायकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलक्टर एल.एन. मंत्री ने की।
जिला कलक्टर ने बताया कि जनगणना 2027 पूर्ण रूप से डिजिटल होगी। प्रथम चरण में आमजन द्वारा स्व-गणना 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक की जाएगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणकों द्वारा फील्ड कार्य किया जाएगा।

डिजिटल जनगणना के तहत प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से मकान सूचीकरण करेंगे। पूरी प्रक्रिया पोर्टल आधारित होगी और निगरानी भी ऑनलाइन की जाएगी।
आमजन द्वारा पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के बाद उन्हें एक स्व-गणना कोड प्राप्त होगा। यह कोड प्रगणक को दिखाने पर परिवार की पूरी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी, जिसे प्रगणक सत्यापित करेगा।

प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय राजस्थान के सहायक निदेशक दिनेश कुमार रेगर और डीपीए सहयोगी करण यादव ने जनगणना के इतिहास और आगामी प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान आईएएस बिरजू चौधरी, जिला जनगणना अधिकारी डॉ. बजरंग सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ओम प्रभा, उप जिला जनगणना अधिकारी राजेन्द्र कुमार टांक और सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रकाश डाबी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जनगणना कार्यों के सफल और त्रुटिरहित निष्पादन के लिए जिला स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण चार्ज अधिकारियों को तथा तीन दिवसीय प्रशिक्षण नियमित सहायकों को दिया जा रहा है। चार्ज अधिकारी एवं अतिरिक्त चार्ज अधिकारी का प्रशिक्षण 19 से 20 फरवरी तक होगा, जबकि नियमित सहायकों का प्रशिक्षण 18 फरवरी तक पूरा किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण निर्धारित समय सीमा में पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ सम्पन्न हो।



