आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का संगम बना श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला-2026 — 1537 पशुओं की आवक के साथ भव्य समापन

पाली : जिले के प्रतिष्ठित श्री निम्बेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला-2026 का मंगलवार को पारंपरिक उत्साह, सांस्कृतिक रंगत और आर्थिक गतिविधियों के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिवस विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे पारंपरिक मेले न केवल पशुपालकों को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया आकर्षण
मेले में आयोजित पशुधन प्रतियोगिताओं में अश्व, ऊँट, गौवंश, भैंस, भेड़ एवं बकरी वर्ग में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य प्रतियोगिताओं में
प्रथम पुरस्कार: ₹5100, द्वितीय पुरस्कार: ₹3100, तृतीय पुरस्कार: ₹2100 वहीं भेड़-बकरी वर्ग में ₹2100, ₹1100 एवं ₹500 के पुरस्कार प्रदान किए गए।
परंपरा और लोक संस्कृति का संगम
मेले में अश्व नृत्य, अश्व श्रृंगार, ऊँट नृत्य, ऊँट श्रृंगार, गोड़वाड़ केसरी, गोड़वाड़ सुंदरी, मूंछ एवं साफा प्रतियोगिताएँ आकर्षण का केंद्र रहीं।
सांस्कृतिक संध्याओं में तेरहताली, भवाई एवं लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, जबकि भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रमों ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।

कई राज्यों से पहुंचे पशुपालक
महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से आए पशुपालकों ने मेले में भाग लिया। इस वर्ष कुल 1537 पशुओं की आवक दर्ज की गई, जिससे मेले की लोकप्रियता और व्यापकता स्पष्ट हुई। पशु विक्रय से पशुपालकों को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
व्यवस्थाओं ने बनाया मेला सफल
मेले में पशु औषधालय, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। पशुओं के उपचार हेतु 24 घंटे अस्थायी पशु चिकित्सालय संचालित रहा। पुलिस विभाग की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के चलते आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा।
इस आयोजन को सफल बनाने में सुमेरपुर प्रशासन, नगरपालिका सुमेरपुर व फालना, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, राजीविका, मार्केटिंग बोर्ड सहित विभिन्न विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पशुधन आधारित आर्थिक गतिविधियों के समन्वय के साथ श्री निम्बेश्वर महादेव पशु मेला-2026 ने एक बार फिर क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करते हुए भव्यता के साथ समापन दर्ज किया।




