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पाली : भूजल प्रबंधन को नई दिशा, हेलिबोर्न सर्वे रिपोर्ट जारी, जल संरक्षण योजनाओं को मिलेगा वैज्ञानिक आधार

पाली : जल संसाधन प्रबंधन को वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में पाली जिले में महत्वपूर्ण पहल करते हुए केन्द्रीय भूजल बोर्ड, पश्चिमी क्षेत्र जयपुर द्वारा जिला कलेक्ट्रेट सभागार में “जल संसाधन प्रबंधन एवं योजना के लिए जिले में भूजल डाटा एवं हेलिबोर्न भू-भौतिकीय सर्वेक्षण निष्कर्षों का प्रसार” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला के दौरान पाली जिले के 10 ब्लॉकों के लिए तैयार हेलिबोर्न भू-भौतिकीय सर्वेक्षण रिपोर्टों का औपचारिक विमोचन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह भी उपस्थित रहे।

जिला कलेक्टर मंत्री ने हेलिबोर्न भू-भौतिकीय अध्ययन के निष्कर्षों की सराहना करते हुए कहा कि जिले के सभी विभागों को इस वैज्ञानिक डाटा का उपयोग करते हुए जल संरक्षण अभियानों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से हार्ड रॉक क्षेत्रों में भविष्य की जल प्रबंधन योजनाओं के लिए डाटा आधारित रणनीति बनाने पर जोर दिया।

कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी ने की। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र मेहता एवं भूजल वैज्ञानिक जगदीश डांगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला में सीजीडब्ल्यूबी के वैज्ञानिक के.पी. सिंह एवं ज्ञान प्रकाश तिवारी द्वारा पाली जिले के सभी 10 ब्लॉकों के हेलिबोर्न सर्वेक्षण निष्कर्षों पर ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति के माध्यम से भूजल संभावित ड्रिलिंग साइट, भूजल गुणवत्ता, मैनेज्ड एक्विफर रिचार्ज साइट तथा भूमिगत संरचनाओं की पहचान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

इस कार्यशाला में भूजल विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, सिंचाई विभाग, जिला परिषद, उद्यानिकी, कृषि एवं वन विभाग सहित विभिन्न लाइन विभागों ने भाग लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन से प्राप्त निष्कर्ष पाली जिले में जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण एवं भविष्य की जल योजनाओं के लिए ठोस मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

Rajasthan Today

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