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पाली की साहित्य साधिका प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदड़ा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय ‘मातृभाषा रत्न’ सम्मान

पाली : पाली शहर के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। शहर की प्रतिष्ठित कवयित्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदड़ा को 21 फरवरी अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर विश्व स्तर पर ‘मातृभाषा रत्न’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।

नेपाल की सुप्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए प्रो. मूँदड़ा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। वर्तमान में वे पाली के राजकीय बांगड़ महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

प्रो. आशा ‘पंकज’ मूँदड़ा की सैकड़ों रचनाएं देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं एवं साझा संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

सम्मान की घोषणा पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर साहित्यकारों की रचनाओं का मूल्यांकन होना अत्यंत गौरवपूर्ण है। प्रतियोगिता में देश-विदेश से हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से उत्कृष्ट साहित्य के आधार पर चयन किया गया।

संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा कि प्रो. मूँदड़ा बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी लेखिका हैं। उनके लेखन में सहजता और सामाजिक परिवर्तन की क्षमता स्पष्ट झलकती है। वे गद्य और पद्य दोनों विधाओं में समान रूप से सक्रिय हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक सफल मंच संचालिका के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं।

उनका प्रकाशित काव्य संग्रह ‘प्रियदर्शिनी’ साहित्य जगत में सराहा जा चुका है। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का बल्कि पाली की साहित्यिक परंपरा का भी वैश्विक स्तर पर गौरव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

Rajasthan Today

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