ऊंझा–मेहसाणा हाईवे हादसा, पाली के परिवार की 5 अर्थियां एक साथ उठीं, गांव में पसरा मातम

पाली। गुजरात के ऊंझा–मेहसाणा हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पाली जिले के एक ही परिवार के पांच सदस्यों का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ पांच अर्थियां उठने से गांव का माहौल पूरी तरह शोक में डूब गया। हर आंख नम थी और हर ओर चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।
पाली जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित भावनगर (गुड़ा एंदला) गांव में जब एक ही परिवार की चार पीढ़ियों को अंतिम विदाई दी गई तो पूरा क्षेत्र स्तब्ध रह गया। इस हादसे ने परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं।

हादसे में कोमल कुमावत और उनके तीन वर्षीय बेटे आयुष की मौत हो गई। मां और बेटे के शव को एक ही अर्थी पर रखकर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं रामलाल कुमावत, उनके पुत्र कैलाश कुमावत और रामलाल की वृद्ध मां मथुरा देवी का अंतिम संस्कार दूसरी चिता पर एक साथ किया गया।
एक ही दिन दो चिताओं पर पांच पार्थिव देहों का अंतिम संस्कार होते देख पूरा गांव शोकसागर में डूब गया।

जानकारी के अनुसार, रामलाल कुमावत वर्तमान में अहमदाबाद में परिवार सहित रह रहे थे, जबकि मूल रूप से वे पाली जिले के भावनगर (गुड़ा एंदला) गांव के निवासी थे। वे अपने भांजे विकास (पुत्र भंवरलाल कुमावत) की शादी में शामिल होने मणिहारी गांव आए थे।
20 फरवरी को बिंदौली कार्यक्रम के बाद परिवार रात करीब 2 बजे वैन से अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ। 21 फरवरी की सुबह ऊंझा–मेहसाणा हाईवे पर उनाव गांव के पास वैन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए।


घायलों का उपचार गुजरात के अस्पताल में चल रहा है। उधर, गांव में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह दर्दनाक हादसा न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरी पीड़ा छोड़ गया है। चार पीढ़ियों का एक साथ यूं बिछुड़ जाना गांव की स्मृतियों में लंबे समय तक दर्ज रहेगा।




