राजसखी मेले में उमड़ा उत्साह, ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिला बड़ा बाजार, पांच दिन में 10 लाख से अधिक की बिक्री

पाली : जिला प्रशासन और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) पाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय राजसखी मेले में गुरुवार को उत्साह का माहौल देखने को मिला। यह मेला ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहां उन्हें अपनी कला और उत्पादों को सीधे शहरी बाजार से जोड़ने का अवसर मिल रहा है।
आज मेले में विशेष रूप से बाली ब्लॉक से राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सामूहिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न ब्लॉकों और अन्य जिलों से आए स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मार्केटिंग और पैकेजिंग की नई तकनीकों को समझा। महिलाओं ने बताया कि ऐसे आयोजनों से न केवल उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, बल्कि उनके उत्पादों को व्यापक बाजार भी मिलता है।

वहीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय हस्तशिल्प को करीब से समझने के उद्देश्य से जीपीएस स्कूल हिम्मत नगर, पाली के छात्र-छात्राओं ने भी मेले का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर हस्तनिर्मित उत्पादों, सोजत की प्रसिद्ध मेहंदी और चमड़े के जूते-चप्पलों की खरीदारी की। बच्चों के लिए यह भ्रमण शिक्षाप्रद होने के साथ-साथ बेहद रोचक भी रहा।
मेले में उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता लोगों को आकर्षित कर रही है। राजीविका पाली के अनुसार, 25 फरवरी को स्टॉल्स से कुल 2 लाख 37 हजार 780 रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जबकि पिछले पांच दिनों में कुल बिक्री 10 लाख 512 रुपये तक पहुंच गई। खाने-पीने के स्टॉल्स से लेकर हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों की विशेष मांग देखने को मिली, जो मेले की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।




