पाली में ‘सक्षम’ का जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित, दिव्यांग सशक्तिकरण और स्वावलंबन पर जोर

पाली : दिव्यांगजनों के उत्थान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत संगठन समदृष्टि क्षमताविकास व अनुसंधान मंडल (सक्षम) द्वारा जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन पेंशनर समाज भवन, जिला कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया।
मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित हुआ, जिसमें संगठन की कार्यप्रणाली, गतिविधियों तथा दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न आयामों और प्रकोष्ठों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मनोहर लाल जोशी ने बीते एक वर्ष में किए गए कार्यों और नवाचारों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए आगामी कार्ययोजना से भी अवगत कराया।
जिला उपाध्यक्ष डॉ. मांगीलाल चौधरी ने दिव्यांगता के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखकर जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

प्रांत ‘चरेवैती’ प्रकोष्ठ प्रभारी झाला राम देवासी ने दिव्यांगजनों के रोजगार और स्वावलंबन पर विशेष जोर देते हुए विभिन्न स्वरोजगार विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि संगठन दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
प्रांत सचिव जोधपुर सुरेश चन्द्र मेवाड़ा ने संगठन के विस्तार और योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक तहसील स्तर तक दिव्यांगजनों को जोड़कर जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने वर्षभर निर्धारित गतिविधियों के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया।
सुरेश जांगिड़ ने पाली एवं सोजत में संचालित दिव्यांग सेवा केंद्रों के माध्यम से दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी और दिव्यांगजनों से इन सेवाओं का लाभ लेने की अपील की। जालम सिंह राजपुरोहित ने विभिन्न तहसीलों में सुविधाओं से वंचित दिव्यांगजनों की पहचान के लिए सर्वेक्षण कराने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण वर्ग में जिले की विभिन्न तहसीलों से संयोजक, सहसंयोजक एवं दिव्यांग कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव पंकज सेन ने किया। आयोजन को सफल बनाने में तरुण मेवाड़ा, ईशा रखेचा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। यह प्रशिक्षण वर्ग दिव्यांग सशक्तिकरण, जागरूकता और स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।



