महिला सशक्तिकरण को लेकर पाली में मीडिया कार्यशाला, योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर

पाली : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कृषि विभाग के सभागार “आत्मा” में आयोजित हुआ।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनप्रतिनिधि सुनील भंडारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उपनिदेशक महिला अधिकारिता भागीरथ ने बताया कि 8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सप्ताह भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनप्रतिनिधियों, मीडिया, विभागीय अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ यह कार्यशाला आयोजित की गई, ताकि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार को गति मिल सके।
मुख्य अतिथि सुनील भंडारी ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए “लखपति दीदी” जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। साथ ही संसद में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक टीना अरोड़ा ने विधि से संघर्षरत बालकों, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, असुरक्षित बच्चों, बाल श्रम और बाल विवाह से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी।
वरिष्ठ महिला अधिकारिता अधिकारी अमृत जांगिड़ ने मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021 और कालीबाई भील उड़ान योजना के बारे में बताया। वहीं समेकित बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर रीना मेवाड़ा ने मुख्यमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी दी।
महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र रोहट की मानसी भंसाली ने बताया कि केंद्र में पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें विधिक सहायता प्रदान की जाती है और दोनों पक्षों में समझाइश कर समाधान का प्रयास किया जाता है। जिला हब एंपावरमेंट ऑफ वुमन की जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “लाडो प्रोत्साहन योजना” सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

कालीका पेट्रोलिंग टीम की सुनीता और राधा ने शहर में महिला उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों की मॉनिटरिंग और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में बताया। सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक देवी बामणिया ने पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को दी जाने वाली पांच निःशुल्क सेवाओं—चिकित्सकीय सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, काउंसलिंग और अस्थायी आवास—के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि त्रिलोक चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-2, अंत्योदय योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। नारायण कुमावत ने पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली कानूनी सहायता और दोषियों के लिए सजा के प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न सुझाव रखे। इनमें सरकारी अस्पतालों में महिला जांचकर्मियों की कमी, महिला हेल्प डेस्क पर महिला स्टाफ की अनिवार्यता, महिला दिवस पर रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा के दौरान सीट उपलब्धता, पुलिस थानों में पीड़िताओं से महिला पुलिसकर्मियों द्वारा पूछताछ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं के साथ हो रही धोखाधड़ी पर प्रशासन द्वारा संज्ञान लेने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मांगीलाल तंवर ने किया। इस दौरान पूर्व सभापति मूलसिंह भाटी, जनप्रतिनिधि रामकिशोर साबू, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी अशोक चौधरी, भाग्यश्री, इंदुबाला, अजीज खान और विक्रम चौधरी सहित कई लोग उपस्थित रहे।



