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पाली में संभाग स्तरीय कार्यशाला: मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, एनीमिया नियंत्रण और संस्थागत प्रसव पर जोर

पाली : मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पाली शहर के नया बस स्टैंड स्थित एक होटल में चिकित्सा विभाग की ओर से संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता चिकित्सा विभाग जयपुर निदेशालय से आए परियोजना निदेशक (मातृ स्वास्थ्य) डॉ. तरुण चौधरी ने की। इसमें पाली, सिरोही और जालोर जिलों के चिकित्सा अधिकारियों तथा नर्सिंग कर्मचारियों ने भाग लिया।

पाली के सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि कार्यशाला में एफसीएम, लक्ष्य और सुमन कार्यक्रम के तहत मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, प्रसूता एवं नवजात को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लेबर रूम और मातृ ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए परियोजना निदेशक डॉ. तरुण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान अधिकांश महिलाओं में एनीमिया की समस्या देखी जाती है, जिससे मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और कई बार यह स्थिति जानलेवा भी बन जाती है।

उन्होंने बताया कि एनीमिया से ग्रस्त महिलाओं, जिनका हीमोग्लोबिन 10 ग्राम से कम है, को एफसीएम (फेरस कार्बॉक्सी माल्टोज) इंजेक्शन देने से एक माह के भीतर ही हीमोग्लोबिन स्तर में तेजी से सुधार होता है। इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को एक से अधिक डोज की आवश्यकता है, उन्हें समय पर स्वास्थ्य संस्थानों में बुलाकर इंजेक्शन दिया जाना चाहिए, ताकि एनीमिया को जल्दी नियंत्रित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रसव के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। इसके लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और चिकित्सा अधिकारियों तथा नर्सिंग स्टाफ को कार्यक्रमों के प्रति संवेदनशील बनाने की जरूरत है।

कार्यशाला में तीनों जिलों की एएनसी, संस्थागत प्रसव, पीएनसी, टीकाकरण तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पाली आरसीएचओ डॉ. विजेन्द्रपाल सिंह चूण्डावत, जालोर आरसीएचओ डॉ. राजकुमार बाजिया और सिरोही आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला ने अपने-अपने जिलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इस अवसर पर एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसिपल केसी सैनी, पाली डीपीओ भवानी सिंह, जितेन्द्र परमार, लेखा प्रबंधक प्रवीण राणासरिया, डीपीसी आईईसी नंदलाल शर्मा, कुलदीप गोस्वामी, विवेक कुमार पाल सहित पाली, सिरोही और जालोर के जिला अस्पतालों के पीएमओ, अस्पताल प्रशासन प्रभारी, मातृ ओटी प्रभारी और लेबर रूम प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

Rajasthan Today

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