पाली में संभागीय आयुर्वेद मेले का शुभारंभ, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत बोले— आयुर्वेद जड़ से बीमारियों का उपचार करता है

पाली : पाली के रामलीला मैदान में आयोजित संभागीय स्तरीय आयुर्वेद आरोग्य मेले का गुरुवार को कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आरोग्य और स्वास्थ्य का मनुष्य के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यदि शरीर स्वस्थ है तो व्यक्ति जीवन में हर लक्ष्य प्राप्त कर सकता है, इसी उद्देश्य से आमजन के लिए इस आरोग्य मेले का आयोजन किया गया है।

मंत्री कुमावत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही आमजन के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले सुमेरपुर में आयोजित आयुष मेले से भी आम जनता को काफी लाभ मिला था, खासकर बच्चों के उपचार में अच्छे परिणाम देखने को मिले। इसके लिए उन्होंने आयुष विभाग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि आज के समय में आयुर्वेदिक उपचार अत्यंत उपयोगी है। एलोपैथी से भले ही रोग जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन उसके दुष्प्रभाव भी होते हैं, जबकि आयुर्वेद धीरे-धीरे उपचार कर बीमारियों को जड़ से समाप्त करने का कार्य करता है। आयुर्वेद की यह परंपरा हमारे ऋषि-मुनियों की देन है और इसकी गुणवत्ता व लाभ लंबे समय तक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखते हैं।

आरोग्य मेले में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों को निःशुल्क परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। शुभारंभ के बाद मंत्री कुमावत ने आईएएस बिरजू गोपाल, सुनील भंडारी, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज और उपखंड अधिकारी विमलेंद्र सिंह राणावत के साथ मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

समारोह को सुनील भंडारी और पुखराज पटेल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संभाग नोडल अधिकारी अर्जुन सिंह, संयुक्त निदेशक बजरंग लाल शर्मा, उपनिदेशक जालोर डॉ. भवानी सिंह, उपनिदेशक ब्यावर सी.पी. सिंह, देवीलाल मेघवाल, डॉ. शिव कुमार शर्मा सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मेले के दौरान 13 और 14 मार्च को शाम 7 बजे से भव्य सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।



