रोहट में ‘वंदे गंगा’ अभियान बना जनआंदोलन, संभागीय आयुक्त ने किया जल पूजन, श्रमदान और पौधारोपण का नेतृत्व

पाली : जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के तहत शनिवार को रोहट में भव्य आयोजन हुआ। प्रभात फेरी, कलश यात्रा, जल पूजन, पौधारोपण, श्रमदान और स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियों के माध्यम से हजारों लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने रामदेवरा मंदिर के समीप स्थित तालाब घाट पर जल पूजन एवं पीपल पूजन कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा निकालकर आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया।

अभियान के तहत ग्राम पंचायत रोहट से तालाब घाट तक प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां लेकर लोगों ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
गर्मी के मौसम को देखते हुए आयोजित परिंडा अभियान के तहत पेड़ों पर परिंडे लगाए गए, ताकि पक्षियों को पानी उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पीपल के पौधे लगाकर हरित पर्यावरण का संकल्प लिया।

सभा को संबोधित करते हुए संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने कहा कि जल संरक्षण और प्रकृति पूजन भारतीय संस्कृति की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जल स्रोतों के संरक्षण और वृक्षारोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।
उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। साथ ही रोहट तालाब के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए किए गए कार्यों की सराहना करते हुए पंचायतीराज विभाग की प्रशंसा की।
जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता भैरू सिंह ने अभियान के विभिन्न चरणों MJSA-2.1, MJSA-2.2 और MJSA-2.3 के तहत चयनित ग्राम पंचायतों एवं स्वीकृत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
वहीं उपखंड अधिकारी पूरण कुमार ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुओं, बावड़ियों और तालाबों का संरक्षण एवं पुनरुद्धार समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी लोगों से जल स्रोतों की साफ-सफाई और संरक्षण कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने तालाब क्षेत्र में श्रमदान कर स्वच्छता गतिविधियों में भाग लिया। जलाशय की सफाई कर लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सामूहिक जनसहभागिता से ही संभव है।
कार्यक्रम के बाद संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा रामपुरा रोड पर निर्मित टांका कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई तकनीकी एवं निर्माण संबंधी कमियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

आयोजन के अंत में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को “वंदे गंगा संकल्प” की शपथ दिलाई गई। सभी ने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी, अधीक्षण अभियंता भैरू सिंह, उपखंड अधिकारी पूरण कुमार, तहसीलदार प्रकाश पटेल, विकास अधिकारी मनमोहन मीणा, पंचायत समिति रोहट के जनप्रतिनिधि, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



