मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट: कलेक्टर ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश, 15 दिन में पूरी करें तैयारियां

पाली : संभावित मानसून और अतिवृष्टि से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विभागों की समीक्षा बैठक लेकर मानसून पूर्व तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को आगामी 15 दिनों के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जून से सितम्बर 2026 के दौरान संभावित भारी वर्षा, जलभराव, बाढ़ और अन्य आपदा स्थितियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
कलेक्टर ने जिला एवं उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने, रेस्क्यू टीमों को सक्रिय रखने, रैन बसेरों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रस्सियां, टॉर्च, नाव, गोताखोर एवं अन्य बचाव संसाधनों की अग्रिम तैयारी रखने पर जोर दिया।

बैठक में बिजली विभाग को बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों के आसपास झाड़ियों की कटाई करवाने तथा बारिश के दौरान करंट फैलने की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जल संसाधन विभाग को नहरों की सफाई, बांधों की निगरानी, वायरलेस सेट की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगर निगम और यूआईटी को नालों की सफाई, निर्माणाधीन सड़कों और गड्ढों पर चेतावनी संकेत लगाने तथा जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव या जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में बच्चों को नहीं बैठाया जाए। विकास अधिकारियों को भी खतरनाक और जर्जर स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा विभाग को स्नेक बाइट, मौसमी बीमारियों और संक्रमण की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाइयों एवं चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में लो-लाइन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जरूरत पड़ने पर अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से भोजन व्यवस्था, रैन बसेरों में ठहराव और अन्य राहत कार्यों की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को मानसून के दौरान वाटरफॉल और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की भीड़ रोकने तथा संभावित हादसों को टालने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। खतरनाक स्थानों की सूची तैयार कर चेतावनी बोर्ड लगाने को भी कहा गया।
उपखंड अधिकारियों को रेलवे ट्रैक के नीचे जलभराव की स्थिति में रेलवे अधिकारियों से समन्वय बनाए रखने तथा निराश्रित एवं पालतू पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, एडीएम ओम प्रभा, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि ब्लॉक स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।



