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पाली जिला कारागृह का औचक निरीक्षण, 95 बंदियों से जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने किया संवाद, मुफ्त विधिक सहायता और सुविधाओं की जांच

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार पाली जिला कारागृह में मंगलवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार तथा सचिव विक्रम सिंह भाटी ने औचक निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी को न्याय से वंचित न रहना पड़े।

निरीक्षण के समय जिला कारागृह में 95 बंदी निरुद्ध पाए गए। न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने बंदियों से व्यक्तिगत बातचीत कर भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, सफाई व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कारागार प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं।

निरीक्षण के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बंदी केवल आर्थिक कमजोरी के कारण कानूनी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से तत्काल मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा ऐसे बंदियों की भी जानकारी ली गई जिनकी जमानत स्वीकृत होने के बावजूद वे किसी कारणवश जेल में निरुद्ध हैं। अधिकारियों ने बंदियों को उनके मामलों की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने हाल ही में जेल पहुंचे बंदियों से भी अलग से बातचीत की। उनसे घटना के समय उनकी आयु, मुकदमे की स्थिति और अन्य कानूनी पहलुओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कारागृह प्रशासन ने बताया कि सभी बंदियों की नियमित ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य जांच की जाती है। यदि किसी बंदी की तबीयत गंभीर होती है तो उसे तत्काल राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है। न्यायिक अधिकारियों ने चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था की भी समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह प्रभारी गुलाबचंद, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मानसिंह आशिया, सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल अल्ताफ हुसैन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक बंदी को संविधान प्रदत्त अधिकार, सम्मानजनक सुविधाएं और समय पर न्यायिक सहायता मिल सके। नियमित निरीक्षणों के माध्यम से जेल प्रशासन की पारदर्शिता और बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

Rajasthan Today

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